जीवन आधार मानकर,
मार्गदर्शन में,
जागृत रहता है
द्वारा
आत्म समर्पण, आत्म परिवर्तन, आत्म साक्षात्कार
तथा विश्वरूप दर्शन, स्वरूप दर्शन, ईश्वर दर्शन
अंतिम परम साध्य हे
सदा चेतन
व्यस्त चुस्त तंदुरुस्त जबरदस्त रहता हे
मस्त
मग्न
स्वतंत्र एकांत प्रशांत निवांत
जीता हे
परमेश्वर कृपा, गुरुकृपा, साधुसंत कृपा,
सब धन्य धन्य हो जाता हे
सब धन्य धन्य हो जाता हे
इस क्षण, हरपल, हर हाल,
एक जबरदस्त घुमाव
एक जबरदस्त घुमाव
जारी जीवन बस अभिव्यक्ति हे
साक्षात साधक अनुभव शृंखला